What Is Marital Rape In India? | वैवाहिक बलात्‍कार क्‍या है और क्‍या है कानून

क्‍या है मैरिटल रैप

हेल्‍लो दोस्‍तो आज हम आपको भारत में वैवाहिक बलात्‍कार के बारे में बतायेंगें। हम बतायेगें की वैवाहिक बलात्‍कार चर्चा में क्‍यों है, दिल्ली उच्‍च न्‍यायालय का फैसला, वैवाहिक बलात्‍कार क्‍या है और वैवाहिक बलात्‍कार पर वैश्विक स्थिति।

वैवाहिक बलात्‍कार चर्चा में क्‍यों?

हाल ही मे दिल्‍ली उच्‍च न्‍यायालय की दो न्‍यायधीशों की खण्‍डपीठ ने भारतीय दंड संहिता (IPC) में वैवाहिक बलात्‍कार के अपवाद को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर सुनवाई के दौरान एक विभाजित फैसला सुनाया।

दिल्‍ली उच्‍च न्‍यायालय का फैसला

न्‍यायमूर्ति राजीव शकधर ने भारतीय दंड संहिता की धारा 375 के अपवाद 2 को खारिज कर दिया, जा वैवाहिक बलात्‍कार को अपराध की श्रेणी से बाहर करता है। जबकि न्‍यायमूर्ति श्री हरिशंकर ने कहा की यह प्रावधान वैध है।

वैवाहिक बलात्‍कार क्‍या है?

वैवाहिक भागीदारों बीच जब स्‍पष्‍ट सहमति के बिना यौन संबंध बनते है, तो उसे वैवाहिक बलात्‍कार माना जाता है।

1860 में ब्रिटिश औपनिवेशिक शासन के दौरान भारत में IPC लागू किया गया था। IPC की धारा 375 के अपवाद 2 में कहा गया है कि ”किसी पुरूष द्वारा अपनी पत्‍नी के साथ यौन संबध बनाना, जबकि पत्‍नी की उम्र पंद्रह वर्ष से कम नही है, बलात्‍कार नही है। नियमों के पहले संस्‍करण के तहत, वैवाहिक बलात्‍कार अपवाद दस वर्ष से अधिक उम्र की महिलाओं पर लागू था। 1940 में यह उम्र बढाकर 15 वर्ष कर दी गई थी। अक्‍टूबंर 2017 में भारत के सर्वोच्‍च न्‍यायालय ने आयु को बढाकर 18 वर्ष कर दिया।

IPC रैप की परिभाषा तो तय करता है, लैकिन उसमें ” वैवाहिक बलात्‍कार” यानी मेरिटल रेप का कोई जिक्र नही है। अक्‍टूबंर 2017 में, सुप्रीम कोर्ट ने फैसला सुनाया कि अगर पत्‍नी की उम्र 18 वर्ष से कम नही है तो पति द्वारा अपनी पत्‍नी के साथ यौन संबध बनाना बलात्‍कार नही है।

वैवाहिक बलात्‍कार पर वैश्विक स्थिति

एमनेस्‍टी इंटरनेशनल के आंकडो के अनुसार, 185 मे से 77 देशों में वैवाहिक बलात्‍कार को अपराध माना जाता है। ऑस्‍ट्रेलिया (1981), कनाडा (1983) और दक्षिण अफ्रीका (1993) आदि देशो ने ऐसे कानून बनाए है जो वैवाहिक बलात्‍कार की स्थिति को स्‍वीकार कर इसे अपराध की श्रेणी में रखते है।

भारत के अलावा बांग्‍लादेश, चीन, हैती, लाओस, माली, म्‍यांमार, सेनेगल, अफगानिस्‍तान, तजिकिस्‍तान, लेबनान, मलेशिया, सिंगापुर, मिस्‍त्र, लीबिया, ओमान, यमन और कुवैत अन्‍य देशों में, इसका या तो उल्‍लेख नही किया गया है या स्‍पष्‍ट रूप से बलात्‍कार कानूनों से बाहर रखा गया है।

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