Anne Frank Real Story in Hindi | ऐनी फ्रेंक की कहानी डायरी की जुबानी

Anne frank diary in hindi – हेल्‍लो दोस्‍तो आज हम इस पोस्‍ट के माध्‍यम से एनी फ्रेंक व उसके परिवार के बारे में बतायेगें जो उन्‍होने अपनी डायरी मेंं लिखा। उन्‍होने लिखा है कि किस प्रकार हिटलर के शासन में उन्‍हे कई यातनायें झेलनी पडी और कई तकलिफें उठानी पडी। आज हम एनी फ्रेंक के जीवन के बारे में बतायेगें जिसे सुनकर आप की भी आखो में नमी आ जायेगी। यह वो कहानी है जब हिटलर के शासन में यहूदियों पर जुल्‍म किये जाते थे और उन्‍हे प्रताडित किया जाता था। आज हम द डायरी ऑफ ऐनी फ्रेंक के बारे में इस पोस्‍ट के माध्‍यम से कहानी बतायेगें। anne frank biography in hindi

The Diary of Anne Frank in Hindi

यह कहानी उस दौर की है जब यूरोप व अमेरिका जैसे देश प्रथम विश्‍व युद्ध से उभर भी नही पाये थे कि तभी 1933 में हिटलर शासन में आ जाता है। उसकी तानाशाह और महत्‍वकांक्षा के चलते पुरी दुनिया एक बार फिर वर्ल्‍ड वार 2 की चपेट मे आ जाती है जिसका एक भयानक इतिहास रहा है।

12 जून 1929 जर्मनी के फ्रेंकफर्ट शहर मेंं फ्रेंक परिवार में ऐनी फ्रेंक का जन्‍म होता है जो कि एक यहूदी परिवार था। उनके पिता ओटो फ्रेक एक व्‍यापारी थे। उनकी माता ऐडिथ फ्रेंक ओर एक बडी बहन मार्गोट थी, जो कि एक समृद्ध परिवार था। हिटलर की यहूदियों से नफरत और उनकी विरोधी नितियों की वजह से ऐनी फ्रेंक और उनका परिवार जर्मनी छोड कर निदरलैंड चला जाता है।

जिसके बाद 1939 को द्वितिय विश्‍व युद्ध आरंभ हो जाता है जिसमे हिटलर की सेना निदरलैंड में भी कब्‍जा कर लेती है जिसके बाद ऐनी फ्रेंक और उनकी फेमिली की मुश्किले और बड जाती है। 1942 में फ्रेंक परिवार को छुप के रहना पडता है। वो सिक्रेट अपार्टमेंट में रहते है, जिसे सिक्रेट ऐनेक्‍स कहा जाता है। जिसके दरवाजे को किताबों की अलमारी से ढंक दिया गया था।

ऐनी के पिरवार के बाद उनके दूसरे दोस्‍तो के यहूदी परिवार भी वहां आ कर रहने लगे थे। कुल मिला कर 8 लोग वहां रह रहे थे। वो वहां जोर से बाते भी नही कर सकते थे। ऐनी फ्रेंक का अक्‍सर अपनी मां से झगडा हो जाया करता था, उनकी आपस मे इतनी नही बनती थी। ऐनी फ्रेंक अपने पिता केे ज्‍यादा करीब थी।

23 जून 1942 को ऐनी का तैरहवां जन्‍मदिन होता है उसमे उसे बहुत से गिफ्ट मिलते है, जिसमें एक डायरी भी होती है जो कि ऐनी को बहुत ज्‍यादा पसंद आती है। ऐनी ने उस डायरी का नाम “किटी” रखा था। फ्रेंक परिवार की सबसे करीब दोस्‍त मीप गीस और उनके कुछ करीबी फ्रेंंक परिवार के लिये खाना और कुछ जरूरी सामान चुपके से लाया करते थे। ऐनी बहुत ही प्रतिभाशाली लडकी थी वह बडे हेाकर जर्नलिस्‍ट और एक लेखक बनना चाहती थी।

4 अगस्‍त 1944 सुबह का समय था जर्मन पुलिस घर में घुसती है और उनके परिवार को पकड लेती है। ऐनी के परिवार को Auschwitz Concentration कैंप में ले जाया जाता है। यह कैंप हिटलर ने अपने केदियों और यहूदियों को मारने और यातना देने के लिये बनाया था, इसमें गैस चेंबर भी थे जिसमें लोगो को इकठ्ठा डाल दिया जाता था और उन पर जहरीली गैस छोड उनको मार दिया जाता था। इस कैंप में उन्‍हे पुरे दिन काम करना पडता था और पुरे दिन कुछ खाने को नही भी दिया जाता था।

जब एनी और उसका परिवार Auschwitz Concentration कैंप मेंं पहुंचते है तो सबसे पहले वहां उन्‍हे जनरल सोर्ल्‍जर से एक्जिमाईन किया जाता है जहां इनके पिता को उनसे अलग करके दुसरे कैंप में ले जाया गया। यहा पर बच्‍चे, बुढे और ओरतो के हिसाब से अलग-अलग कर दिया जाता था। इसके कुछ समय बित जाने के बाद अक्‍टूंबर को एनी और उनकी बहन को उनकी मां से अलग दुसरे Concentration Camp जो कि Bergen Belsen Concentration Camp में भेज दिया जाता है। उनकी मां Auschwitz में ही छुट जाती है और भुख से उनकी मृत्‍यु हो जाती है।

Bergen Belsen Concentration Camp रहने के बिलकुल भी लायक नही था यहां सोने के लिये लकडी का बेड और औडने के लिये एक कंबल दिया जाता है जिसमें संक्रमण फैलाने वाली बिमारी व किडे हुआ करते थे। यहां पर ठंड भी बहुत थी। एक बार यहां पर ऐनी को उसकी स्‍कूल की 2 सहेलियां मिलती है वो लोग दुर से ही एक दुसरे से मिलते है क्‍योंकि उनके बिच में एक इलेक्ट्रिक करंट की एक जाली होती है। उसके बाद ये उन लोगो की आखरी मुलाकात थी। आगे जाकर ऐनी की ये सहेलियां Concentration Camp से बाहर निकलने में कामयाब हो जाती है।

इसके बाद उनकी बहन की फिवर से मौत हो जाती है ऐनी अपनी ही बहन को अपने सामने मरते हुए देखकर टुट जाती है। इसके बाद कहा जाता है कि अप्रैल में ऐनी की भी मौत हो जाती है। अपने आखरी दिनों तक ऐनी फ्रेक को यही लगता रहा कि उनकी पुरा परिवार मर चुका है । इसके बाद जब जर्मनी युद्ध हार गयी ब्रिटिश सेना द्वारा इन कैंप को खत्‍म कर दिया गया तो बचने वाले लोगो मे ओटो फ्रेंक जो कि ऐनी के पिता थे वो भी शामिल थे।

ओटो फ्रेक अपने परिवार को ढुढने की बहुत कोशिश करते है उन्‍हे ढुढने पर भी उनके परिवार की कोई खबर नही मिलती। बाद में उनके दोस्‍त ऐनी फ्रेंक की लिखी हुई डायरी देते है जिसे वो आगे जाकर पब्लिश करवाते है। और जल्‍द ही इस बुक को बहुत ज्‍यादा पसंद किया जाने लगा। इस बुक का 70 भाषाओ में अनुवाद किया गया। यह बुक बाइबल के बाद सबसे ज्‍यादा पडी जाने वाली बुक बनी। उसके बाद 1960 मेंं जिस घर में ऐनी और उसका परिवार छुप कर रह रहा था उसे म्‍यूजियम बना दिया गया, जिसे सिक्रेट ऐनेक्‍स (Secret Annex) के नाम से भी जाना जाता है।

FAQ –

1. ऐनी फ्रेंक का जन्‍म कब हुआ था?

उत्‍तर– 12 जून 1929 को ऐनी फ्रेंक का जन्‍म हुआ था।

2. ऐनी फ्रेंक और उसकी बहन को हिटलर के किस कैंप में रखा गया था?

उत्‍तर– ऐनी फ्रेंक और उसकी बहन को हिटलर के Bergen Belsen Concentration Camp मेंं रखा गया था।

3. ऐनी फ्रेंक की डायरी का क्‍या नाम था?

उत्‍तर– ऐनी फ्रेंक ने अपनी डायरी का नाम किटी रखा था।

4. ऐनी फ्रेंक और उसका परिवार जहां छुप के रहता था उसे अब क्‍या कहा जाता है?

उत्‍तर– ऐनी फ्रेंक और उसका परिवार जहां छुप के रहा था उसे Secret Annex के नाम से जाना जाता है। अब उसे एक म्‍यूजियम बना दिया गया है।

5. ऐनी फ्रेंक के पिता का क्‍या नाम था जो उस कैंप से अकेले बाहर आये थे?

उत्‍तर– ऐनी फ्रेंक के पिता का नाम ओटो फ्रेंक था जो उस कैंप से अकेले बाहर आये थे, उन्‍होने ही यह बुक पब्लिश करवाई थी।

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