Judge कौन होता है, न्‍यायधीश बनने के लिये क्‍या करें? । judge kese bane, kya he qualification

what is judge in hindi – हैल्‍लो दोस्‍तो आज हम आपको इस पोस्‍ट के माध्‍यम से बतायेगें की who is judge in hindi जज कौन होता है व जज बनने के लिये क्‍या-क्‍या करना पडता है। कई लोगो का सपना होता है कि वे जज बने और अपनी सूझबूझ व ईमानदारी से लोगो को न्‍याय दिला सके। आज हम वही इस पोस्‍ट के माध्‍यम से बतायगें कि जज कैसे बने व जज बनने के लिये क्‍या करना पडेगा।

Judge Qualification, Judge age limit, Judge exam, Judge Supreme Court, Judge High Court, Judge civil court, judge appointment, judge salary

जज योग्‍यता, जज आयु सीमा, जज परिक्षा, जज सुर्पीम कोर्ट, जज हाईकोर्ट, जज सिविल कोर्ट, जज नियुक्ति, जज सैलरी

मुख्‍य बिंदु :

  1. जज कौन होता है? Who is the judge?
  2. जज बनने के लिये क्‍या पढ़ाई करनी होती है? What do I have to study to become a judge?
  3. जज बनने के लिये आयु सीमा क्‍या है? What is the age limit to become a judge?
  4. जज बनने के लिये परिक्षा कैसे ली जाती है? How is the exam taken to become a judge?
  5. सुप्रीम कोर्ट का जज कैसे बन सकते है? How to become a judge of Supreme Court?
  6. हाईकोर्ट का जज कैसे बन सकते है? How to become a High Court Judge?
  7. सिविल कोर्ट के जज कैसे बन सकते है? How to become a civil court judge?
  8. जज की नियुक्ति कौन करता है? Who appoints the judge?
  9. जज की सैलरी कितनी होती है? What is the salary of a judge?

जज कौन होता है?

जज एक ऐसा पद होता है जो किसी भी दूसरे पद से ज्‍यादा महत्‍वपूर्ण होता है क्‍योंकि पूरी की पूरी न्‍याय व्‍यवस्‍था एक जज पर निर्भर करती है वो सही और गलत का फैसला कर सजा देते है और राहत भी। कई बार बेगुनाहों को भी दोषी बनाकर कटघरे में खडा कर दिया जाता है तब एक जज अपनी सूझबूझ ओर सबूतों के आधार पर सही और गलत का फैसला करता है। इसलिये आज भी लोगो का सबसे ज्‍यादा भरोसा अदालत पर होता है। और जज की कुर्सी पर बैठे को लोग न्‍याय की मूरत के रूप में देखते है।

जज के लिये Qualification

जज बनने के लिये सबसे जरूरी यह है कि आपके पास लॉ LAW की डिग्री होनी चाहिए। अगर आपके पास लॉ LAW की डिग्री नही है तो आप जज नही बन सकते। लॉ LAW की डिग्री आप 12वीं करने के बाद या ग्रेजुएशन करने के बाद में ले सकते है। 12वीं के बाद BA LLB 5 साल का कोर्स कर सकते है और अगर आप ग्रेजुएशन पास कर चुके है तो इसके बाद आप BA LLB 3 साल की डिग्री हासिल कर सकते है। इसके बाद आप जज बनने के लिये आयोजित किये जाने वाली परिक्षा पास कर जज बन सकते है।

आयु सीमा

जज एक ऐसा पद है जिस पर एक अनुभवी व्‍यक्ति को ही बैठाया जा सकता है इसलिये जज की नौकरी पाने के लिये आयु सीमा भी इसमें अलग है। अगर आप जज बनना चाहते है तो आपकी उम्र कम से कम 35 से 62 की होनी चाहिए, तब जाकर आप जज बन सकते है।

जज की परिक्षा

देश के हर राज्‍य में अपनी एक State Public Service Commission है जो कि Judicial Service Examination करवाती है। हालांकि अलग-अलग राज्‍यो में इसमें थोडा बदलाव हो सकता है लेकिन मुख्‍य तौर पर आपको इसमें तीन टाईप की परिक्षा देनी होती है:-

  • Prelims Exam
  • Main Exam
  • Interview

इन तीनो परिक्षाओं को पास करने के बाद ही आप जज बन सकते है। इसलिये अगर आप भी जज बनना चाहते है तो इन तीनो परिक्षाओं की तैयारी जरूर कर लिजिये और इससे जुडी जानकारी जरूर ले लें।

सुप्रीम कोर्ट का जज कैसे बन सकते है

सुप्रीम कोर्ट का जज बनने के लिये व्‍यक्ति को भारत का नागरिक होना चाहिए। इसके साथ-साथ ही वह कम से कम 5 साल तक उच्‍च न्‍यायालय के न्‍यायधीश के तौर पर कार्य कर चुका हो। इसके अलावा किसी भी न्‍यायालय मे 10 साल तक एडवोकेट रह चुका हो और वह 65 साल की आयु होने तक इस पद पर रह सकता है।

हाईकोर्ट का जज कैसे बन सकते है

हाईकोर्ट का जज बनने के लिये आपका लॉ में बैचलर की डिग्री होनी चाहिए। इसके साथ ही आपके पास 10 साल का Judicial का अनुभव होना चाहिए। इसके अलावा किसी भी हाईकोर्ट में 10 साल तक वकालत करने का अनुभव होना चाहिए। हाईकोर्ट का जज बनने के लिये न्‍यूनतम आयु निर्धारित नही की गयी है। लकिन आपकी उम्र 62 साल से कम है तो आप हाईकोर्ट के जज बन सकते है।

सिविल कोर्ट के जज कैसे बन सकते है

सिविल कोर्ट का जज बनने के लिये LLB पास होना जरूरी होता है। इसी के साथ एक वकिल के तौर पर रजिस्‍टर्ड होना भी जरूरी है जिसके बाद आप वकालत कर सकते है। करीब 7 साल वकालत करने के बाद ही आप जज बनने के लिये परिक्षा दे सकते है। अगर आप परिक्षा मे पास होते है तो आप सिविल कोर्ट के जज बन सकते है।

जज की नियुक्ति

Supreme Court Chief Justice की नियुक्ति राष्‍ट्रपति के द्वारा होती है। जबकि सुर्पीम कोर्ट के अन्‍य जजों की नियुक्ति सुर्पीम कोर्ट के काउंसलिंग पर होती है। हाईकोर्ट के जजों की नियुक्ति राष्‍ट्रपति द्वारा होती है जबकि अन्‍य जजों की नियुक्ति हाईकोर्ट के काउंसलिंग द्वारा होती है।

जज की सैलरी

हाईकोर्ट के मुख्‍य जज की सैलरी 2.50 लाख और अन्‍य जजों की सैलरी 1.25 लाख होती है। जबकि सुर्पीम कोर्ट के चीफ जस्टिस की सैलरी 2.80 लाख होती है जबकि अन्‍य जजों की सैलरी 2.50 लाख होती है।

FAQ –

1. भारत के प्रथम मुख्‍य न्‍यायधीश कौन थे?

उत्‍तर– न्यायमूर्ति श्री एच जे कनिया भारत के प्रथम मुख्‍य न्‍यायधीश थे।

2. वर्तमान 2022 में भारत के मुख्‍य न्‍यायधीश कौन है?

उत्‍तर– न्‍यायमूर्ति श्री एन.वी. रमण (नूतलपाटि वेंकटरमण) भारत के वर्तमान मुख्‍य न्‍यायधीश है।

3. भारतीय संविधान का कौन सा अनुच्छेद सर्वोच्च न्यायालय की स्थापना से संबंधित है?

उत्‍तर– भारतीय संविधान का अनुच्‍छेद 124 सर्वोच्‍च न्‍यायालय की स्‍थापना से संबंधित है।

4. भारत के मुख्‍य न्‍यायधीश की नियुक्ति कौन करता है?

उत्‍तर- भारत के मुख्‍य न्‍यायधीश की नियुक्ति राष्‍ट्रपति करता है।

5. भारत के सर्वोच्च न्यायालय की पहली महिला न्यायाधीश कौन थी?

उत्‍तर- भारत के सर्वोच्च न्यायालय की पहली महिला न्यायाधीश न्यायमूर्ति फातिमा बीबी थी।

और पढ़े :

***************

उम्‍मीद है कि आपको यह पोस्‍ट अच्‍छी लगी होगी। अगर दोस्‍तो आपको यह पोस्‍ट अच्‍छी लगी हो तो आप मुझे Comment करके जरूर बताएं। हम ऐसी ही पोस्‍ट अगली बार आपके लिये फिर लेके आयेगें एक नये अंदाज में और एक नये स्‍पेशल जीके हिंदी के साथ।

दोस्‍तो अगर यह पोस्‍ट आप लोगो ने पढ़ी और आप लोगो को यह पोस्‍ट अच्‍छी लगी तो कृपया ये पोस्‍ट आपके दोस्‍तो व रिश्‍तेदारों को जरूर Share करें। और आप मेरी ये पोस्‍ट Facebook, Instagram, Telegram व अन्‍य Social Media पर Share करें, धन्‍यवाद! में आपके उज्‍ज्‍वल भविष्‍य की कामना करता हुं।

Leave a Comment